शहतूत फल खाने के फायदे | Mulberry Fruit Benefits in Hindi

शहतूत फल खाने के फायदे

Mulberry Fruit Benefits in Hindi ( शहतूत फल खाने के फायदे )आप सभी जानते होंगे कि शहतूत के पेड़ पर रेशम के कीड़े पाए जाते हैं। शहतूत का वैज्ञानिक नाम मोरस अल्बा है इसका स्वाद हल्का खट्टा एवं मीठा होता है। यह काला लाल और नीले रंगों में पाया जाता है । इसे सबसे पहले चीन में उगाया गया था लेकिन अब यह दुनिया भर में पाया जाता है। हमारे देश में शहतूत उत्तर प्रदेश उत्तराखंड पंजाब और कश्मीर जैसे राज्यों में पाया जाता है।

शहतूत के फल में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को काफी फायदा पहुंचाते हैं। इसमें आयरन विटामिन सी विटामिन के फास्फोरस और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें फाइबर और कई कार्बनिक योगिक पाए जाते हैं।

शहतूत खाने से फायदे

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया किस ऋतु में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं इसलिए यह हमारे शरीर को बहुत फायदा देते हैं। नीचे हम आपको शहतूत खाने से मिलने वाले फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं।

रक्त संचार में सहायक

शहतूत में आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करता है। इससे रक्त का संचार अच्छी तरीके से हो पाता है। शहतूत खाने से आपके रक्त में ऑक्सीजन के प्रवाह अच्छी तरह से हो पाता है। कई लोग इसके लिए आयरन के टेबलेट खाते हैं। लेकिन यदि आप रोजाना औसत मात्रा में शहतूत का फल खाएं तो आपको इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि आपके शरीर में रक्त का संचार अच्छी तरीके से होता है तो आप रक्त संबंधी बीमारियों से बच सकते हैं।

पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार

शहतूत में आहार फाइबर पाया जाता है जिससे आपके पाचन शक्ति बढ़ती है। यदि आपका पाचन तंत्र ठीक रहा तो आपको कब्ज और पेट से संबंधित रोगों की समस्या नहीं हो पाती है। इसके अलावा शहतूत का सेवन करने से यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित करता है। यदि आप इसका नियमित रूप से सेवन करें तो आपके हृदय को भी लाभ मिलता है।

कैंसर से बचाव

शहतूत का नियमित रूप से सेवन करने से आप कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के खतरे से भी बच सकते हैं। शहतूत में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। शहतूत में विटामिन ए, विटामिन सी, एंथोकायनिन और पॉलिफिनॉलिक यौगिक काफी मात्रा में पाया जाता है। यह हमारे शरीर को कई खतरनाक रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है।

आँखों के लिए फायदेमंद

शहतूत के नियमित सेवन से आपके आंखों को भी फायदा मिलता है। शहतूत में जियेजैन्थिन नामक कैरोटिनॉइड पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और रेटिना पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोकने में मदद करता है। इससे आपको मोतियाबिंद होने का ख़तरा कम रहता है। इसीलिए यदि आप शहतूत एक औसत मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे आपके आँखों को भी लाभ मिलता है।

हड्डियों के लिए लाभकारी

शहतूत में विटामिन के कैल्शियम आयरन फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आपके हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं। यदि आप नियमित रूप से स्वस्थ उसका सेवन करें तो आपको कैल्शियम की टेबलेट लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और आपकी हड्डियां भी मजबूत रहेंगी। कम उम्र के बच्चों को शहतूत खिलाने से उनकी हड्डियां और भी मजबूत होती हैं।

डायबिटीज में मददगार

शहतूत का फल डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। यदि आपको टाइप दो डायबिटीज होने की संभावना है या फिर टाइप टू डायबिटीज है तो आप शहतूत के रस को पी सकते हैं। इसका रस प्लाजमा ग्लूकोस में वृद्धि करता है और भोजन के बाद रक्त शर्करा को रोकता है इससे डायबिटीज कंट्रोल होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए शहतूत का फल असरदार घरेलू औषधि है।

मस्तिष्क का विकास

वृद्धावस्था के समय व्यक्ति का मस्तिष्क अच्छी तरह से काम नहीं करता है। एक अध्ययन के अनुसार शहतूत का अर्थ ग्लाइफोसेट से मस्तिष्क की सुरक्षा करता है। दरअसलग्लाइफोसेट कंपाउंड मस्तिष्क में तनाव का कारण बनता है और यह पार्किंसंस रोग का कारण बनता है। यदि आप रोजाना शहतूत का सेवन करें तो इससे आपकी यादाश्त में भी सुधार होता है और मस्तिष्क का विकास भी होता है।

निष्कर्ष

हालांकि शहतूत के सेवन से हमें कई फायदे मिलते हैं जिनमें से कुछ के बारे में हमने ऊपर बताया है। लेकिन इसके अलावा शहतूत वजन घटाने में बालों को स्वस्थ रखने में त्वचा को स्मूथ रखने में और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। शहतूत के सेवन से कई नुकसान भी होते हैं। शहतूत में पाया जाने वाला आरब्यूटिन यौगिक त्वचा के कैंसर का कारण भी बनता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो गुर्दे की बीमारियों और पिताशय के दर्द से पीड़ित रोगियों के लिए नुकसानदायक है।

इसके अलावा शहतूत रक्त शर्करा को कम करता है जिसके कारण हाइपोग्लाइसीमिया पैदा हो सकता है। इस स्थिति में आपको सिर दर्द, अधिक भूख लगना,धुंधला दिखाई देना और चक्कर आने जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को शहतूत का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उन पर कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

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