दिमाग की ताकत बढ़ाने के अचूक उपाए

क्या आप भी अपने दिमाग से परेशान है। क्या आप भी हर समय कुछ सोचते रहते हैं और करते कुछ रहते हैं, तभी सब कुछ गड़बड़ हो जाता है।

आप अपने दिमाग पर भी काबू नहीं रख पाते और जरूरत के हिसाब से नियंत्रित भी कर पाएंगे।

जरूरी न हो, दवाओं का इस्तेमाल न करें: छोटी मोटी बीमारियां जैसे खांसी, जुकाम, बुखार इत्यादि के होते ही हम गैर-जरूरी दवाइयों का सेवन करने लगते हैं। इनसे बचें, ये दिमाग को सुस्त कर देते हैं।

पैदल चलने को प्राथमिकता दें : आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग पैदल चलना ही भूल गए हैं। पर पैदल चलने से न सिर्फ तनाव दूर भागता है, बल्कि पूरे शरीर का बैलेंस भी शानदार रहता है।

वास्तविक जीवन में सामाजिक बनें: सिर्फ सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए सामाजिक नहीं बना जा सकता। हकीकत ये है कि सोशल साइट्स भी तनाव पैदा करने लगे हैं। ऐसे में लोगों से मिलना जुलना आपके दिमाग को ताजगी देगा।

अध्यात्मिक बनें: अध्यात्म का रास्ता आपको मानसिक तनावों से मुक्ति देगा। ऐसे में अपनी आस्था कहीं न कहीं केंद्रित करें।

रात में कम से कम 8 घंटे की नींद लें: नींद हमारे लिए बहुत आवश्यक है। समय से तय समय तक सोने से हमें शारीरिक फायदे तो मिलते ही हैं, दिमाग भी फ्रेश रहता है।

काम के समय बेचैनी को हावी न होने दें: कोई भी काम करते समय दबाव न लें। काम तो होता रहेगा, आप परेशान नहीं होंगे तब भी। ऐसे में जरूरी है कि आप काम करें, पर बिना परेशान हुए।

हॉउसप्लांट लगाएं: अपने घर में छोटे छोटे पौधे लगाएं। हो सके तो पौधों वाले गमलों को अपने हरेक कमरे में रखें। माहौल सकारात्मक रहेगा।

रात में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स से दूर रहें: जी हां, हम मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर के सामने पूरी रात बिता देते हैं, यहां तक कि बिस्तर पर भी उंगलियां फोन से खेलती रहती हैं। इनसे बचने की जरूरत है।

विटामिन की मात्रा बढ़ाएं: खाने पीने की आदतों में विटामिन वाली चीजों की मात्रा बढ़ाएं। इससे शरीर तो तंदरुस्त रहेगा ही, दिमाग भी आराम से काम कर सकेगा। (Photo-Getty Images)

मन लगाकर प्रैक्टिस करें, बिना दिमाग चलाएं एक्सरजाइज करें: दोनों ही बातों में मूलभूत अंतर है। ध्यान रखेंगे, तो खुश रहेंगे। अगर पढ़ाई कर रहे हों, तो उसी पर ध्यान दें, अगर खेल रहे हों, तो सिर्फ खेल पर ध्यान दें। अगर मन बंटेगा नहीं, तो हर काम परफेक्ट तरीके से होगा।

ब्लडशुगर लेबल मेनटेन रखें: ये काम बेहद जरूरी हैं। कभी भी ठंडे न पड़ें, जुटे रहें। यूं भी ब्लड शुगर में थोड़ी सी गड़बड़ी शरीर को बड़ी छति पहुंचाता है, तो दिमाग भी धीरे धीरे कुंद पड़ जाता है। इसके लिए खाने पीने पर बराबर ध्यान दें।

इंसुलिन को रोके नहीं: हम इंसुलिन की मात्रा बढ़ाने वाली चीजों से लगातार परहेज करते हैं, जबकि हकीकत ये है कि बाकी चीजों की तरह ही शरीर के लिए इंसुलिन भी बेहद जरूरी चीज है। इससे ब्लड शुगर के सेल्स को एनर्जी जेनरेट करने में मदद मिलती है।

सोए दिमाग को जगाएं, दिमाग को सोने न दें: हम कई बार सोचते हुए खुद से कह उठते हैं कि ये फालतू की बात है इस बारे में न सोचें। और दिमाग को आराम देकर पूरी तरह ढीले पड़ जाते हैं। इस आदत से बाहर निकलिए, क्योंकि दिमाग को अगर काम पर नहीं लगाएंगे, तो उसके कुंद पड़ने की खासी संभावनाएं हैं।

भोजन की एकरूपता से बचें: अगर सिर्फ रोटी खाते हैं, तो चावल भी खाएं। सिर्फ चावल खाते हैं तो रोटी भी खाएं। क्योंकि दिमाग को चलाने के लिए कार्बोहाइड्रेड्स की जरूरत होती है।

जो रोटी, चावल, पास्ता से मिलती है। ये कार्बोहाइड्रेड ब्लड शुगर को ट्रिगर करता है, जो शरीर और दिमाग के लिए जरूरी संतुलित एनर्जी पैदा करता है। ऐसे में भोजन की एकरूपता आपके लिए हानिकारक है।

महज 12 मिनट ध्यान करिए: सिर्फ 12 मिनट ध्यान लगाना आपके दिमाग को फोकस्ड रखेगा और मेमॉरी को तेज करेगा। तो ध्यान जरूर लगाएं।

ओमेगा 3एस का ज्यादा इस्तेमाल करिए: दिमाग को चुस्त दुरुस्त रखना है, तो ओमेगा 3एस का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। ये आपको डिप्रेसन से निकालता है।

और ओमेगा 6एस से दूर रहिए: ओमेगा 6एस आपके शरीर के लिए हानिकारक है। ओमेगा 6एस अधिकतर प्रोसेस्ड फूड से मिलता है। ऐसे में पास्ता सॉस, मॉयोनीज जैसी चीजों से दूर रहें। वर्ना धीरे-धीरे आप डिप्रेशन की ओर जाएंगे।

ऑर्गैनिक भोजन अपनाएं: जी हां, नॉन ऑर्गैनिक भोजन की जगह ऑर्गैनिक भोजन अपनाएं। जो आपके दिमाग को चुस्त दुरुस्त रखेगा। ये ओमेगा 3एस और 6एस में बैलेंस भी बनाता है।

जैसे शुद्ध दूध में 62 प्रतिशत ओमेगा 3एस होता है, जो हमारे लिए अच्छा है। वहीं, दुग्ध पॉउडर में 25 प्रतिशत ओमेगा 6एस होता है, जो नुकसान देह है।

लगातार व्यायाम करें: व्यायाम करना न छोंड़े। इससे शारीरिक फायदा तो है ही, मानसिक फायदे भी बहुत हैं। डिप्रेशन जैसी चीजों से व्यायाम दूर रखता है।

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