अश्वगंधा के फायदे और इसे लेने का तरीका जान लें

अश्वगंधा अर्थात जिसमें से अश्व या घोड़े जैसी गंध आए। कुछ लोगों का कहना है कि इसे खाने से घोड़े जैसी ताकत आती है। इससे ताकत तो जरूर मिलती है लेकिन उतनी जितनी शरीर को आवश्यकता होती है। इससे शरीर हष्ट-पुष्ट भी होता है। लेकिन कुछ लोगों में ये उल्टा असर करता है, क्योंकि ये शरीर की आवश्यकता के अनुसार काम करता है और इसको लेने के भी अलग अलग तरीक़े है। हो सकता है कि लेख थोड़ा बड़ा हो जाए लेकिन इसे समझना जरूरी है तो इसे पूरा पढ़े।

अश्वगंधा की तासीर :-

सबसे पहले तो हमें यह जानना जरूरी है कि अश्वगंधा की तासीर कैसी होती है ? तो इसकी तासीर है गर्म और साथ में खुश्क। 

जिनके शरीर में पहले से बहुत गर्मी है या शरीर भी बहुत खुश्क है तो वह इसका सेवन बिलकुल भी नहीं कर सकता है। क्योंकि अगर इस प्रकृति का व्यक्ति इसका सेवन सीधा ही करता है तो यह फायदे की जगह नुकसान करेगा। तो इसे किस प्रकार और किन कारणों में ले सकते है आइये जानते है।

अश्वगंधा लेने के तरीके व कारण :-

अश्वगंधा विशेष रूप से ताकत के लिये लिया जाता है। लेकिन इसे वात रोगों यानी जिसके शरीर में वायु ज्यादा हो जिसकी वजह से शरीर में दर्द होता हो, या किसी को कफ रोग हो तो ऐसे व्यक्ति इसका सीधा ही सेवन कर सकते है। वे 1 चम्मच सुबह और शाम गर्म पानी से सेवन कर सकते क्योंकि ये वायु रोग में शरीर को गर्मी चाहिये और कफ रोगों में ये कफ को सुखा देता है।

अगर किसी के शरीर में ज्यादा गर्मी है या खुश्क त्वचा है तो इसे दूध के साथ ले सकते है इससे शरीर भी पुष्ट होगा। एक चम्मच अश्वगंधा में एक चम्मच गाय का या कोई भी देशी घी और उसमें मिश्री मिलाकर दूध के साथ पी लें। ये धातु को भी पुष्ट करता है।

किसी को यदि दूध शूट नहीं करता हो तो इसे शक्कर और घी में मिलाकर चूस-चूस कर खा लें।

अगर फिर भी ये गर्मी करता है तो एक चम्मच अश्वगंधा को थोड़े पानी में कुछ देर उबालें थोड़ा पानी उड़ जाए तो इसमें मिश्री मिलाकर पी लें।

दूध के साथ अश्वगंधा ज्यादा असर करती है। अश्वगंधा में मिश्री ना डालना चाहे हो इसे ठंडा करने के लिये इसमे इलायची भी डाल सकते है।

शरीर की ताकत को बढ़ाने के लिये एक चम्मच अश्वगंधा को दूध के साथ लें। शरीर के हिसाब से इसमें आप गर्म, ठंडी और तर चीजों को मिला सकते है।

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